दोस्त मेरे

गालियों से भी
उम्र मेरी बढ़ा
जाते हो तुम
याद आओ न आओ
भुलाए नही
जाते हो तुम
अमावस की रात के
जैसे सितारे हो तुम
काली हो जितनी रात उतना ही
तेज़ झिलमिलाते हो तुम
याद आओ न आओ
भुलाए नही जाते हो तुम

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