अहसास

दर्द अब दिल को तड़पाता भी नहीं
रातों को नीन्दों से जगाता भी नहीं
वक्त ने ज़ख़्म भर दिए हैं शायद
पर ये खा़ली सा अहसास जाता भी नहीं

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